बिज़नेस कितने प्रकार के होते हैं? – Types of Business in Hindi

क्या आप बिज़नेस के प्रकार के विषय में जानते हैं? आप सभी कभी न कभी बिज़नेस के बारे में सुना होगा और कुछ लोग जरूर इसे  करना चाहते होंगे, क्योंकि ये आजकल नौकरी न मिलने के कारण लोग अपना खुद का बिज़नेस करना चाहते हैं.

वही आजकल आपने गौर किया होगा कि अच्छी नौकरी न मिलने के कारण स्टूडेंट्स भी बिज़नेस के बारे में जानकारी ले रहे हैं और आगे चल कर एक बड़ा बिज़नेस शुरू करने की कोशिश में जुटे हैं.

जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहे हैं तो कुछ लोग भीड़ देखकर business के बारे में सोच रहे हैं. कुछ लोग business शुरू करते ही सफलता हासिल कर लेते हैं तो कुछ लंबे समय तक struggling करते हैं.

यह इसलिए क्योंकि हर एक का business को समझने और करने का तरीका अलग – अलग होता है. लेकिन बिज़नेस के प्रकार कितने होते हैं कि लोग अलग – अलग तरीके से अपना काम करते हैं.

बस इसी सवाल का जवाब देने के लिए आज के इस article में बिज़नेस / व्यवसाय के  विभिन्न प्रकार के बारे में  आज आप जानने और समझ में वाले हैं.

इस article में आज हम व्यवसाय (Business) के सभी प्रकारों के विषय में  जानने और इसके सभी विशेषताओं के बारे में भी हम अच्छी तरह से समझने वाले हैं.  मैं उम्मीद करता हूं कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको बिजनेस के सभी  प्रकारों के बारे में आपके मन में जो भी सवाल है उसके जवाब मिल सके.  तो बिना देर किए चलिए शुरू करते हैं बिजनेस के प्रकार :

विषय-सूची

बिज़नेस क्या हैं?- Business kya hai 

बिज़नेस को एक संगठन या उद्यमी इकाई के रूप में परिभाषित किया गया है जो कमर्शियल , इंडस्ट्रियल या प्रोफ़ेशनल एक्टिविटी के रूप में काम करता है.

कोई भी business एक ऐसा activity है जो व्यवसाय उत्पादों या वस्तुओं और सेवाओं  का उत्पादन या खरीद कर किसी का जीवन यापन करने में अपना योगदान प्रदान करता है.

बिजनेस के कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं भी हैं जैसे कि :

  1. बिज़नेस के नाम होने से कोई भी Business Entity को owner से अलग नहीं किया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि उस बिज़नेस का owner किसी भी प्रकार के एक्शन के लिए उत्तरदायी है.
  2. एक business structure कॉर्पोरेट tax rates के लिए  अनुमति नहीं देती है. यह मालिकाना व्यक्तिगत रूप से व्यवसाय से सभी इंकम पर लगाया जाता है.
  3. Business, शब्द का उपयोग अक्सर बोलचाल में (लेकिन वकीलों या सार्वजनिक अधिकारियों द्वारा नहीं) एक कंपनी को संदर्भित करने के लिए किया जाता है.
  4. वही दूसरी ओर, एक कंपनी एक अलग कानूनी इकाई है और सीमित देयता के साथ-साथ कॉर्पोरेट tax rates को भी प्रदान करती है।
  5. एक कंपनी की स्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए ये काम अधिक जटिल और महंगी हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही मालिक के लिए अधिक सुरक्षा और लाभ भी प्रदान करती है.

बिज़नेस के प्रकार – Types of Business in Hindi

Types of Business in Hindi
बिजनेस कितने प्रकार के होते हैं

आप को बिज़नेस के प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त करने की  इच्छा हो रही होगी. वैसे मैं बता दूं बिजनेस के बहुत सारे प्रकार होते हैं इसलिए इसे अच्छे से समझने के लिए  सबसे पहले हम बिजनेस ओनरशिप के फॉर्म  के बारे में जानेंगे और उसके बाद बिजनेस क्लासिफिकेशन  के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.

बिज़नेस को ऐसे समझे :

1. बिजनेस ओनरशिप के फॉर्म ( Forms of Business Ownership)

2. बिज़नेस क्लासिफिकेशन ( Classification of Business)

बिजनेस ओनरशिप फॉर्म के आधार पर ( Business Ownership Forms) 

बिजनेस ओनरशिप के फॉर्म को  विभिन्न भागों में इसे बांटा जा सकता है जैसे कि आपको नीचे जानकारियां दी गई हैं ;

#1. सोल प्रोपराइटरशिप ( Sole proprietorship) 

सोल प्रोपराइटरशिप को हिंदी में “एकल स्वामित्व”  कहा जाता है और इसे  sole trader के नाम से भी जाना जाता है. इस प्रकार की Business को किसी एक के द्वारा  अपने बेनफिट्स के लिए चलाया जाता है.

इस बिजनेस का मालिक अकेला ही ऑपरेट करता है और अगर वो चाहे तो employee को भी hire कर सकता है.

एक sole proprietor के पास व्यवसाय द्वारा किए गए सभी दायित्वों के लिए अनलिमिटेड liability होता है. इस business की सभी सम्पति sole proprietor को जाता है.

उदहारण के लिए कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, inventory, manufacturing equipment, रियल प्रोपर्टी आदि

#2. पार्टनरशिप (Partnership) 

पार्टनरशिप वाला business दो या दो से अधिक लोग मिलकर करते हैं. इस बिज़नेस के लगभग सभी पार्टनरशिप फॉर्म में हर एक पार्टनर के पास unlimited liability होता है.

प्रॉफिट पार्टनरशिप के लिए तीन सबसे प्रचलित प्रकार हैं :

(i). जनरल पार्टनरशिप ( General Partnerships)

(ii). लिमिटेड पार्टनरशिप ( Limited Partnerships)

(iii). लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप ( Limited Liability Partnerships)

#3. कॉर्पोरेशन ( Corporation) 

कॉरपोरेशन के मालिक के पास लिमिटेड लायबिलिटी होती है और साथ ही व्यवसाय का अपने मालिकों से अलग कानूनी व्यक्तित्व होता है।

कॉर्पोरेशन को government या private के रूप में भी चलाया जा सकता है और हम चाहे तो अपने business को प्रॉफिट या नॉन – प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन बना सकते हैं. निजी तौर पर private वाली profit corporation के कुछ shareholders भी होते हैं, जो निगम को निर्देशित करने और अपने प्रबंधक कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए निदेशक मंडल ( Board of Directors) का चुनाव करते हैं.

#4. कोऑपरेटिव (Cooperative) 

कोऑपरेटिव एक लिमिटेड लायबिलिटी वाला बिज़नेस है, जिसे प्रॉफ़िट और नॉन – प्रॉफ़िट के लिए organize किया जा सकता है. मै आपकों बता दू की Cooperative बिज़नेस Corporation से काफ़ी अलग हैं क्योंकि इसमें members होते हैं और वहीं कॉरपोरेशन में shareholders होते हैं.

इसे हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं :

(i). कंजूमर कोऑपरेटिव ( Consumer Cooperative)

(ii).  वर्कर कोऑपरेटिव ( Worker Cooperative)

#5. एल एल सी ( LLC) 

एल एल सी (LLC) का मतलब होता है लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी ( Limited Liability Companies), जिसे हम लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप के रूप में भी जानते हैं कि.

#6. फ्रैंचाइजी ( Franchises) 

फ्रैंचाइज़ी एक सिस्टम है जिसमें उद्यमी (entrepreneurs) एक बड़े कॉरपोरेशन से व्यवसाय खोलने और चलाने के अधिकार खरीदते हैं. मै आपकों बता दू की फ्रैंचाइजी व्यवसाय यूनाइटेड स्टेट (United States) में पॉपुलर होने के साथ – साथ वहां की इकॉनमी पावरहाउस ( Economic Powerhouse) के रूप में भी जाना जाता है.

#7. गारंटी द्वारा सीमित कंपनी ( Company limited by guarantee) 

इस प्रकार की कंपनी को non – commercial के  मकसद के लिए बनाया जाता है जैसे कि किसी भी प्रकार का क्लब ( clubs) या charities. इस प्रकार की कंपनी आपकों इंग्लैंड में ज़्यादा देखने को मिलेंगे.

#8. शेयरों द्वारा सीमित कंपनी ( Company limited by shares)

शेयरों द्वारा सीमित कंपनी बहुत ही कॉमन प्रकार की कंपनी होती जिसे business venture के लिए उपयोग किया जाता है.

इसे हम इस प्रकार  विभाजित कर सकते हैं : 

(i). Privately held company

(ii). Publicly traded company

#9. शेयर पूंजी के साथ या उसके बिना एक असीमित कंपनी (An unlimited company with or without a share capital)

यह एक ऐसी कंपनी होती हैं जहां पर members और shareholders के पास लिमिटेड लायबिलिटी नहीं होती हैं. इसलिए इस केस में ” the doctrine of a veil of incorporation” को अप्लाई नहीं किया जा सकता है.

> बिज़नेस की परिभाषा क्या हैं?

> इंडिया में बिज़नेस कैसे करें? 

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ऐसी बहुत कम सामान्य प्रकार की कंपनियां हैं: 

1. लेटर पेटेंट द्वारा बनाई गई कंपनियां (Companies formed by letters patent) 

लेटर पेटेंट द्वारा बनाई गई कंपनियां में अधिकांश पेटेंट corporations की होती हैं और वहीं आपकों कंपनी के पेटेंट न के बराबर देखनो को मिलेगा.

2. चार्टर  कॉर्पोरेशन ( Charter corporations) 

जबतक आधुनिक कंपनी legislation पास नहीं हुआ था तब केवल चार्टर कॉर्पोरेशन वाली ही companies होती थी. आज आपकों इस प्रकार की कंपनी न के बराबर देखने को मिलेगा. ऐसी कंपनी के लिस्ट में आपकों बहुत पुरानी कंपनी ही देखनो को मिलेगा जैसी ही पुरानी ब्रिटिश बैंक जो एक प्रकार की चार्टर  कॉर्पोरेशन वाली कंपनी हैं.

3. वैधानिक कंपनियां ( Statutory companies)

इस प्रकार की कंपनियों का गठन संबंधित क्षेत्राधिकार में पारित एक निजी क़ानून द्वारा किया गया है और यह भी आज आपकों न के बराबर देखनो को मिलेगा.

बिज़नेस  के  क्लासिफिकेशन ( Classification of Business in Hindi) 

1. Agriculture

कृषि, जैसे मछली, जानवरों और पशुओं का वर्चस्व, साथ ही लकड़ी, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, अयस्कों, पौधों या खनिजों जैसे प्राकृतिक संसाधनों और कच्चे माल को निकालने वाले काठ, तेल और खनन व्यवसाय।

2. Financial services

Financial services बिज़नेस में आपकों देखनो को मिलेगा बैंक, ब्रोकरेज फर्म, क्रेडिट यूनियन, क्रेडिट कार्ड, बीमा कंपनियां, परिसंपत्ति और निवेश कंपनियां जैसे कि निजी इक्विटी फर्म, निजी इक्विटी फंड, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट, सॉवरेन वेल्थ फंड, पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड, और हेज फंड, स्टॉक एक्सचेंज, और अन्य कंपनियां जो पूंजी के निवेश और प्रबंधन के माध्यम से लाभ उत्पन्न करती हैं।

3. Entertainment

मनोरंजन कंपनियां और मास मीडिया एजेंसियां ​​मुख्य रूप से intellectual pproperty की बिक्री से मुनाफा कमाती हैं। उनमें फिल्म स्टूडियो और प्रोडक्शन हाउस भी शामिल हैं. अगर बात करें मास मीडिया कंपनियां जैसे केबल टेलीविजन नेटवर्क, ऑनलाइन डिजिटल मीडिया एजेंसियां, प्रतिभा एजेंसियां, मोबाइल मीडिया आउटलेट, समाचार पत्र, पुस्तक और पत्रिका प्रकाशन गृह शामिल हैं।

4. Manufacturers

इंडस्ट्रियल manufacturers की बात करे तो यह raw materials या component parts से मिलकर products तैयार होते हैं. जैसे कि कार, बस, मेडिकल डिवाइस, ग्लास आदि.

5. Real Estate

Real Estate का बिज़नेस जमीन, रेसिडेंटइअल होम और अन्य इमारतों सहित संपत्ति को बेचते हैं, निवेश करते हैं, निर्माण करते हैं और विकसित करते हैं.

6. Retailers, Wholesale or Distributors

यह business एक प्रकार के middlemen के रूप में काम करते हैं जो किसी manufacturer से सामान खरीद कर कस्टमर्स तक पहुंचाते हैं.

7. Transportation

इस बिज़नेस में आपकों transport से अपना काम करना होता है जिनमें निजी और सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट शामिल हैं जैसे कि ट्रेन, एयरप्लेन, शिपिंग आदि.

8. Sports

खेल संगठन ( sport organisation) किसी भी गतिविधि, अनुभव, या खेल पर केंद्रित व्यावसायिक उद्यम के निर्माण, सुविधा, प्रचार या आयोजन में शामिल होते हैं।

9. Utility

यह पब्लिक सर्विसेस प्रदान करती हैं जैसे कि पानी, बिजली, वेस्ट मैनेजमेंट या sewage ट्रीटमेंट आदि. इस प्रकार के इंडस्ट्री को government के अंतर्गत चलाया जाता है.

10. Service Businesses

इस प्रकार के businesses में आप गवर्नमेंट, बिज़नेस या consumer को अपना सर्विस प्रदान करवाते हैं. यह आप छोटे से बड़े लेवेल पर भी कर सकते हैं और सर्विस प्रोवाइड कर पैसे बना सकते हैं.

निष्कर्ष, 

आज की इस article में आपने जाना बिज़नेस के कितने प्रकार हैं और इसके सभी अन्य विभाजित के बारे में. मुझे उम्मीद है कि यह पोस्ट जो बिज़नेस क्या हैं और इसके कितने प्रकार हैं के बारे जानकारी देती हैं आपकों पसंद आई होगी.

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